पारंपरिक लोक संगीत एवं सुगम संगीत की प्रस्तुति एवं राष्ट्रीय एवं आंतराष्ट्रीय मंचो के लोक गायक कलाकार

सत्येंद्र कुमार “संगीत” संगीत जगत में एक चमकता हुआ सितारा हैं। सत्येन्द्र संगीत के नाम से मशहूर ये एक शानदार, जानदार और जबरदस्त परफॉर्मर हैं। सत्येन्द्र “संगीत” संगीत के हर विधा को मंच पर प्रस्तूत करने में माहिर कलाकार हैं।

सत्येन्द्र जी का जन्म एक गांव गोपालपुर तिनेरी में हुआ।इनकी माता श्रीमति लालमणि देवी और पिता श्री शिव लखन सिंह हैं।सत्येन्द्र संगीत के प्रथम गुरु इनके फुफेरे बड़े भैया श्री श्याम देव शर्मा जी रहे हैं। इन्ही से प्रभावित होकर ये संगीत जगत में पदार्पण किया और थोड़ा बहुत सीखने लगे।

संगीत को विधिवत सीखने की लालसा ने इनको संगीताचार्य पण्डित श्याम दास मिश्रा जो की चारो पट्ट के गायक कलाकार और विद्वान थे उनके पास खींच लाया। पण्डित श्याम दास मिश्रा जी से ही इनके फुफेरे बड़े भैया भी सीखा करते थे। जिसके कारण पण्डित जी ने सिखाने के लिए सहर्ष तैयार हो गए। गुरु के सानिध्य में शिक्षा दीक्षा शुरु हुआ और संगीत पल्लवित पुष्पित होने लगा। बाद में गुरु से आज्ञा लेकर संगीत सिखाने का कार्य और मंच प्रस्तुति का कार्य भी करने लगे। बाद में आकाशवाणी और दूरदर्शन से जुड़े और उच्च श्रेणी प्राप्त किया।

सत्येन्द्र संगीत शास्त्रीय और सुगम संगीत की प्रस्तुति करते हुए खुद को संवारते और तरासते हुए आगे बढ़ते रहे।बाद में इन्होंने लोक संगीत को पकड़ा और उसमें शोध करने लगे। बिहार के सभी भाषाओं के लोक गीतों को मंच पर प्रस्तुत करने लगे।

दैनिक जागरण एवं आई नेक्स्ट के द्वारा आयोजित पूरे भारत के लोक गायन प्रतियोगिता के विजेता बनकर  “फ़र्स्ट फोल्क स्टार ऑफ इंडिया”  का खिताब प्राप्त किया |

भारत के वर्तमान राष्ट्रपति श्रीमान राम नाथ कोविन्द जी के समक्ष पारंपरिक लोक संगीत एवं सुगम संगीत की प्रस्तुति

सत्येंद्र कुमार जी ने अनेकों बार बिहार के मुख्यमंत्री जी के सामने एवं कई महत्वपूर्ण समारोह मे अपनी प्रस्तुति दी है | उन्होने भारत के राष्ट्रपति श्रीमान राम नाथ कोविन्द जी के समक्ष पारंपरिक लोक संगीत एवं सुगम संगीत की प्रस्तुति भी देने का अवसर प्राप्त किया |

 राष्ट्रीय एवं आंतराष्ट्रीय मंचो पर लोक गायक कलाकार के रूप मे पूरे हिंदुस्तान मे अपना झण्डा गाड़ने के बाद , जब  भारत के राष्ट्रपति महोदय बिहार विधान सभा के शताब्दी समारोह मे बिहार दौरे पर आए तो उनके स्वागत समारोह मे सत्येंद्र कुमार जी को लोक गायिकी की प्रस्तुति करने के लिए मंच प्रदान किया गया |